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SSC normalization कैलकुलेटर — आधिकारिक equipercentile तरीका

2026-08-06 को सत्यापित स्रोत: SSC normalization procedure — Notice dated 02-06-2025

SSC normalization 02-06-2025 के आधिकारिक नोटिस का equipercentile तरीका इस्तेमाल करता है। exact normalized या safe score के लिए हर shift के marks चाहिए — जो रिजल्ट के साथ ही प्रकाशित होते हैं।

कोई भी टूल रिजल्ट से पहले exact safe score नहीं निकाल सकता

फ़ॉर्मूला चलाएं

नीचे हर संख्या आधिकारिक फ़ॉर्मूले से लाइव निकलती है — कोई मनगढ़ंत safe score नहीं।

Shift 1 · N = 4 उम्मीदवार

Step 1 · हर raw score के लिए percentile P = m / N

Raw marksmPercentile P
8041
6030.75
4020.5
2010.25

Shift 2 · N = 5 उम्मीदवार

Step 1 · हर raw score के लिए percentile P = m / N

Raw marksmPercentile P
9051
7540.8
6030.6
4520.4
3010.2

Steps 2–3 · साझा percentile कॉलम → normalized score

हर percentile पर हर shift का raw score (वास्तविक, interpolated या boundary), फिर Z = सभी shifts का औसत।

Percentile PShift 1 rawShift 2 rawNormalized Z
180वास्तविक90वास्तविक85
0.864interpolated75वास्तविक69.50
0.7560वास्तविक71.25interpolated65.63
0.648interpolated60वास्तविक54
0.540वास्तविक52.50interpolated46.25
0.432interpolated45वास्तविक38.50
0.2520वास्तविक33.75interpolated26.88
0.220boundary30वास्तविक25

दो shifts का उदाहरण, जिसमें exact आधिकारिक फ़ॉर्मूला शुरू से आखिर तक चलता है — हर संख्या खुद हाथ से जांच सकते हैं। आंकड़े तरीके का ईमानदारी से पालन करते हैं, पर यह नोटिस की अपनी scan की हुई तालिका नहीं है।

कैसे तैयार करें

  1. तरीका पढ़ें. SSC के तीनों आधिकारिक step सरल शब्दों में देखें: अपनी shift में percentile, shifts के बीच स्कोर का मिलान, फिर औसत।
  2. Worked example चलाएं. worked example खोलकर देखें कि फ़ॉर्मूला दो shifts के raw marks को एक normalized कॉलम में कैसे बदलता है — हर step सामने दिखता है।
  3. अपनी shift का percentile निकालें. अपनी shift के raw marks और अपना स्कोर paste करें और अपना percentile P = m / N पाएं — रिजल्ट से पहले ईमानदारी से निकलने वाली इकलौती संख्या।
  4. Safe-score की सीमा समझें. पढ़ें कि रिजल्ट से पहले exact safe score क्यों नहीं जाना जा सकता — ताकि आपके पास सही तस्वीर हो, कोई मनगढ़ंत संख्या नहीं।

यह कैसे कैलकुलेट होता है — नियम, स्रोत और सीमाएँ

यह जांच क्या बता सकती है और क्या नहीं

equipercentile फ़ॉर्मूले को वह डेटा चाहिए जो SSC के shift-wise raw marks जारी करने से पहले सार्वजनिक नहीं होता:

  • आपकी shift का पूरा raw-marks वितरण (N और m के लिए)।
  • साझा percentile स्केल के लिए बाकी हर shift के raw scores।
  • श्रेणी-वार vacancies, ताकि normalized score से cutoff निकाला जा सके।

यह पेज क्या कर सकता है

  • SSC के आधिकारिक फ़ॉर्मूले को worked example पर दोहराना।
  • आपके दिए marks से आपका percentile P = m / N निकालना।
  • shift की कठिनाई के आधार पर समझाना कि आपके marks किस दिशा में जा सकते हैं।

यह क्या कभी दावा नहीं करेगा

  • shift-wise डेटा प्रकाशित होने से पहले आपका असली normalized score बताना।
  • कोई तयशुदा 'safe score' देना — जो टूल देता है, वह अंदाज़ा लगा रहा है।
  • रिजल्ट के साथ SSC जो आंकड़ा प्रकाशित करता है, उसकी जगह लेना।

रिजल्ट के बाद SSC आपके normalized marks प्रकाशित करता है — उस आंकड़े को दोबारा जांचने के लिए इस पेज का इस्तेमाल करें।

आधिकारिक तरीका, तीन चरणों में

चरण 1

हर shift का percentile score

हर shift के भीतर आयोग उम्मीदवारों को raw marks से रैंक करता है और हर raw score को percentile में बदलता है। यह हर shift के लिए अलग-अलग होता है, इसलिए shifts की आपसी तुलना से पहले ही आपकी shift की कठिनाई इसमें शामिल हो जाती है।

P = m / N

N = उस shift में वास्तव में परीक्षा देने वाले उम्मीदवार। m = उस shift में वे उम्मीदवार जिनका raw score आपके बराबर या उससे कम है। नोटिस P को 8 दशमलव तक round करने की सलाह देता है, और 0 ≤ P ≤ 1।

चरण 2

वापस marks स्केल पर (equipercentile मिलान)

सभी shifts एक तालिका में जोड़ी जाती हैं — percentile का एक साझा कॉलम, पर हर shift का raw-score कॉलम अलग — सबसे ऊंचे percentile से नीचे की ओर। जहां दो shifts में एक ही percentile पर उम्मीदवार हैं, उनके raw scores बराबर माने जाते हैं। जहां किसी shift में उस percentile पर कोई उम्मीदवार नहीं है, वहां खाली raw score ऊपर-नीचे के निकटतम वास्तविक स्कोर के बीच linear interpolation से भरा जाता है।

X = x1 + ((x2 − x1) / (p2 − p1)) × (P − p1)

X = percentile P पर भरा जाने वाला खाली raw score। (p1, x1) = P से ठीक नीचे का वास्तविक बिंदु। (p2, x2) = P से ठीक ऊपर का वास्तविक बिंदु। यही नोटिस में बताया गया equipercentile तरीका है।

चरण 3

Normalized score = सभी shifts का औसत

हर percentile के लिए, उस पर आने वाले सभी shifts के raw scores — जहां उम्मीदवार बैठा वहां वास्तविक, जहां नहीं वहां interpolate किए हुए — का औसत लिया जाता है। यही औसत normalized score है, और अंतिम merit list व cutoff इसी से बनते हैं।

Z = (u1 + u2 + … + ut) / t

u1 … ut = आपके percentile पर t shifts के संगत raw scores। t = shifts की संख्या। Z = आपका normalized score।

और संबंधित पेज व स्रोत

आम सवाल

SSC normalization कैसे काम करता है?

SSC अपने 02-06-2025 के नोटिस का equipercentile तरीका इस्तेमाल करता है। Step 1: अपनी shift में अपना percentile निकालें, P = m / N — m यानी आपकी shift में कितने उम्मीदवारों के अंक आपके बराबर या उससे कम रहे, N यानी कितने उम्मीदवार परीक्षा में बैठे। Step 2: सभी shifts को एक percentile स्केल पर रखा जाता है, और कोई raw score खाली हो तो उसे linear interpolation से भरा जाता है। Step 3: आपका normalized score आपके percentile पर हर shift के raw score का औसत होता है।

क्या मैं रिजल्ट से पहले अपना exact SSC safe score निकाल सकता हूं?

नहीं। रिजल्ट से पहले exact safe score बताने वाला कोई भी टूल अंदाज़ा लगा रहा है। फ़ॉर्मूले को हर shift का पूरा marks डेटा चाहिए (N और m के लिए), और SSC उसे रिजल्ट के साथ ही प्रकाशित करता है। यह पेज वही निकालता है जो ईमानदारी से निकाला जा सकता है — और कभी कोई मनगढ़ंत safe-score संख्या नहीं बताता।

SSC normalization फ़ॉर्मूला क्या है?

Percentile: P = m / N (8 दशमलव तक round किया जाता है)। percentile P पर खाली raw score X भरने के लिए: X = x1 + ((x2 - x1) / (p2 - p1)) * (P - p1), जहां (p1, x1) P से ठीक नीचे का वास्तविक बिंदु है और (p2, x2) ठीक ऊपर का। Normalized score: Z = (u1 + u2 + ... + ut) / t — यानी t shifts के संगत raw scores का औसत।

यह किन SSC परीक्षाओं पर लागू होता है?

हर वह SSC परीक्षा जो एक से ज़्यादा shifts में होती है — जैसे CGL, CHSL, MTS, GD, CPO और Stenographer। SSC CGL 2025 और 2026 दोनों के नोटिस इसी 02-06-2025 नोटिस का हवाला देते हैं, और अंतिम merit list व cutoff normalized scores से ही तय होते हैं।

क्या normalization से मेरे marks बढ़ेंगे या घटेंगे?

यह इस पर निर्भर करता है कि आपकी shift कितनी कठिन थी। औसत से कठिन shift में स्कोर आमतौर पर ऊपर जाते हैं; आसान shift में नीचे। दिशा का अंदाज़ा लगाया जा सकता है, लेकिन exact बदलाव तब तक नहीं जाना जा सकता जब तक हर shift के marks प्रकाशित न हों।

क्या यही आधिकारिक SSC स्कोर है?

नहीं। यह पेज आधिकारिक फ़ॉर्मूले को इसलिए दोहराता है ताकि आप उसे खुद समझ और जांच सकें। रिजल्ट के बाद SSC आपके normalized marks सीधे प्रकाशित करता है — यह टूल सिर्फ उस आंकड़े को दोबारा जांचने में मदद करता है। SarkariDoc सरकारी वेबसाइट नहीं है।

SarkariDoc सरकारी वेबसाइट नहीं है। यह टूल SSC के प्रकाशित तरीके को समझाता और दोहराता है; यह कोई आधिकारिक स्कोर नहीं बनाता।